भारतवंशी श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती।

Shrey, of Indian origin, won the spelling bee competition.
भारतवंशी श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती।
भारतीय मूल के छात्र श्रेय पारिख ने शुक्रवार को ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर भारत का परचम लहराया। उन्होंने 90 सेकंड में 35 में से 32 शब्दों की सही-सही वर्तनी बताकर पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
कैलिफोर्निया निवासी एवं ‘डे क्रीक इंटरमीडिएट स्कूल’ के आठवीं कक्षा के छात्र श्रेय पारिख ने 90 सेकंड के ‘स्पेल ऑफ’ दौर में ‘ब्रोमोक्रिप्टीन’ शब्द की सही वर्तनी बताकर 12 वर्षीय छात्र ईशान गुप्ता को मात दी, जो न्यू जर्सी के जर्सी सिटी स्थित फ्रैंक आर कॉनवेल मिडिल स्कूल के सातवीं कक्षा के छात्र हैं।
ब्रोमोक्रिप्टीन एक क्षाराभ (एल्कलॉइड) है. जो प्रोलैक्टिन हार्मोन के स्राव को रोकने में डोपामीन की गतिविधि की नकल करता है। खिताब जीतने पर उन्हें पुरस्कार स्वरूप 50 हजार डॉलर (47.49 लाख रुपये), एक पदक और स्क्रिप्स कप प्रदान किया गया। इसके अलावा मेरियम वेबस्टर की ओर से 2,500 डॉलर, डेल्टा एयरलाइंस का 1,000 डॉलर का यात्रा क्रेडिट तथा एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की ओर से 400 डॉलर मूल्य की पुस्तकें भी दी गई।
वह वर्ष 2024 में भी इस प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबले तक पहुंचे थे। श्रेय ने वर्ष 2024 में ब्रहत सोमा द्वारा बनाए गए स्मेल ऑफ रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया । सोमा ने उस वर्ष स्पेल ऑफ दौर में 30 में से 29 शब्दों की सही वर्तनी बताई थी । धारवने दूसरे और ईशान तीसरे स्थान पर : जॉर्जिया के टकर स्थित पीचट्री चार्टर मिडिल स्कूल के 12 वर्षीय सर्व धारवने ने प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। ईशान को 25,000 डॉलर, जबकि सर्व को 15,000 डॉलर की पुरस्कार राशि दी गई। प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबले में केवल नौ प्रतिभागी पहुंच सके। बतादें कि स्पेलिंग बी प्रतियोगिता की शुरुआत 1925 में हुई थी, इसमें हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों की उम्र 15 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।



