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मेडिकल एग्जाम की तैयारी कैसे करें

How to prepare for the medical exams

How to prepare for the medical exam

मेडिकल एग्जाम की तैयारी कैसे करें

दोस्तों , समय के साथ हमारे जीवन में बहुत बदलाव आया है । लेकिन जिस विधा में सबसे ज्यादा बदलाव आया वह चिकित्साद’ का क्षेत्र है । हमेशा से ही इसे सेवा का क्षेत्रमाना गया है और डश्वक्टर को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है । इसीलिए सामाजिक स्तर पर आज भी इसकी प्रतिष्ठा कायम है। इसमें करियर की बहुत ज्यादा सम्भावना है। बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि एक अच्छा डॉक्टर बनने के लिए बेहद जरूरी है कि आपके मन में दूसरों के प्रति दया और सेवाभाव हो तब कही जाकर आप एक अच्छा डॉक्टर बन पाएंगे ।

मेडिकल क्षेत्र में जाने के लिए आपको सीबीएससी बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) की परीक्षा उत्तीर्ण करके किसी मान्यता प्राप्त संस्था से MBBS बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) की पढ़ाई करनी होती है ।

एम.बी.बी.एस. चिकित्सा क्षेत्र में सबसे में जरुरी और आधारभूत कोर्स है । हालांकि आप एम.बी.बी.एस. करके भी किसी सरकारी या निजी संस्था और हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर, जूनियर सर्जन, मेडिकल प्रोफेसर या लेक्चरर, शोधछात्र आदि के रूप में काम शुरू कर सकते हैं ।

इसमें शुरुआती स्तर पर 3 लाख से 3.5 लाख तक का वार्षिक वेतनमान भी मिल सकता है। लेकिन देखा गया है कि ज्यादातर छात्र एम.बी.बी.एस. करने के बाद आगे की पढ़ाई करने की दिशा में बढ़ते हैं ।

एम.बी.बी.एस. के बाद आपको MD मास्टर ऑफ मेडिसिन (एम.डी) और MS मास्टर ऑफ सर्जरी (एम.एस.) में से कोई एक क्षेत्र चुनना होता है

एम.डी करने के बाद आप फिजिशियन के रूप में करियर बना सकते हैं जबकि एम. एस की पढ़ाई करने के बाद आप सर्जन बन सकते हैं ।

किसी भी अच्छे इंस्टिट्यूट में दाखिला लेने के लिए आपको नीट-पीजी की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करनी होगी । अक्सर छात्र दुविधा में पड़ जाते हैं कि एम.बी.बी. एस. के बाद उनके लिए क्या करना उचित होगा । सब्जेक्ट की पढाई से एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exam) कराया जाता है।

इसका जवाब व्यक्ति की योग्यता और क्षमता पर निर्भर करता है कि उसे क्या चुनना चाहिए । यद्यपि दोनों ही कोर्स बेहद कठिन होते हैं लेकिन सापेक्ष रूप में एम. एस. में ज्यादा जटिलतायें होती हैं। जो लोग खून और चीर-फाड़ देखकर घबरा जाते हैं उन्हें एम. डी. की पढ़ाई करना चाहिए ।

आप DNB डिप्लोमा ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) भी कर सकते हैं । यह भी एक परास्नातक कोर्स है, जिसे करके आप स्पेशलिस्ट डॉक्टर बन सकते हैं । लेकिन इसकी एक बड़ी सीमा यह है कि ज्यादातर अस्पतालों में इसकी जगह, एम. एस. और एम. डी. डिग्री धारकों को ज्यादा वरीयता दी जाती है जबकि डीएनबी में पास रेट बेहद कम है ।

यह एग्जाम पास करना काफी मुश्किल माना जाता है। इसके अलावा आप UPSC यूपीएससी द्वारा साल में एक बार आयोजित CMS कंबाइंड मेडिकल सर्विसेस (सीएमएस) परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करके सरकारी अस्पतालों या संस्थाओं में भी नौकरी पा सकते हैं । यह परीक्षा स्थायी जॉब की गारंटी देती है ।

इसके अतिरक्त आप क्लीनिकल रिसर्च की तरफ जा सकते हैं। शोध करने के लिए इंडियन कौंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च, सेंट जॉन रिसर्च इंस्टिट्यूट, AIIMS ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, पीजीआई, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च – मंबई आदि बड़ी संस्थाएं शोध कराती हैं

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